सेलम सीट पर घमासान, पलानीस्वामी की साख पर टिकी नजरें
तमिलनाडु की राजनीति में इस समय सेलम विधानसभा चुनाव को लेकर जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। 2026 के विधानसभा चुनाव में एडप्पाडी सीट एक बार फिर हॉट सीट बन गई है। यहां से पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पाडी के. पलानीस्वामी मैदान में हैं और अपनी राजनीतिक साख बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं।
एआईएडीएमके के दिग्गज नेता पलानीस्वामी के सामने इस बार मुकाबला आसान नहीं दिख रहा। डीएमके के उम्मीदवार काशी सी उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं। इसके अलावा अन्य दलों के प्रत्याशी भी चुनावी समीकरण को प्रभावित कर सकते हैं। यही कारण है कि सेलम विधानसभा चुनाव अब बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है।
चुनावी हलफनामे के अनुसार, पलानीस्वामी की शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास है और उन्होंने अपने पेशे के रूप में कृषि को दर्शाया है। उनकी कुल संपत्ति लगभग 9 करोड़ रुपये बताई गई है, जबकि उन पर 17 लाख रुपये की देनदारी है। वहीं, उनकी वार्षिक आय करीब 26.1 लाख रुपये दर्ज की गई है।
इसके साथ ही उनके खिलाफ पांच आपराधिक मामले लंबित बताए गए हैं। हालांकि, यह जानकारी चुनावी प्रक्रिया के तहत सार्वजनिक की गई है और इससे मतदाताओं को उम्मीदवारों के बारे में पारदर्शिता मिलती है।
तमिलनाडु में 23 अप्रैल 2026 को मतदान संपन्न हो चुका है। अब सभी की नजरें 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं। यह सीट इसलिए भी अहम है क्योंकि यहां का परिणाम राज्य की राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर पलानीस्वामी इस सीट को बचाने में सफल रहते हैं, तो यह उनके लिए बड़ी उपलब्धि होगी। वहीं, अगर डीएमके उम्मीदवार जीत दर्ज करते हैं, तो यह सत्ता पक्ष के लिए एक बड़ा संदेश होगा।
इस बीच अन्य पार्टियों के उम्मीदवार भी समीकरण बिगाड़ने की स्थिति में हैं। ऐसे में मुकाबला त्रिकोणीय या बहुकोणीय हो सकता है, जिससे परिणाम और भी अप्रत्याशित बन सकते हैं।
अब देखना यह होगा कि मतदाता किसे अपना समर्थन देते हैं। **सेलम विधानसभा चुनाव** का परिणाम न केवल स्थानीय बल्कि राज्य स्तर की राजनीति को भी प्रभावित करेगा।
