बंगाल में TMC नेता को रस्सी बांधकर घुमाया, लगे ‘चोर-चोर’ के नारे
TMC नेता गिरफ्तारी का मामला पश्चिम बंगाल में राजनीतिक चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। उत्तर 24 परगना जिले के बीजपुर इलाके में पुलिस ने भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार टीएमसी नेता अभिजीत राय उर्फ बनी को कमर में रस्सी बांधकर इलाके में घुमाया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए।
TMC नेता गिरफ्तारी की यह कार्रवाई गुरुवार को कांचरापाड़ा इलाके में हुई। पुलिस आरोपी को जांच के सिलसिले में विभिन्न स्थानों पर लेकर गई थी। उस समय अभिजीत राय के शरीर पर केवल गंजी और हाफ पैंट थी। घटना का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगीं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि टीएमसी नेता अभिजीत राय इलाके में लंबे समय से वसूली, अवैध कब्जे और अन्य असामाजिक गतिविधियों में शामिल था। पुलिस ने उसे कुछ दिन पहले मंदारमणि से गिरफ्तार किया था। इसके बाद जांच एजेंसियां उससे जुड़े मामलों की जांच कर रही हैं।
TMC नेता गिरफ्तारी के दौरान इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई। लोगों ने आरोपी को देखते ही नारेबाजी शुरू कर दी। कई लोगों ने पुलिस कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि इलाके में लंबे समय से लोगों में नाराजगी थी।
पश्चिम बंगाल में इससे पहले भी इसी तरह की कार्रवाई सामने आ चुकी है। हावड़ा जिले में भी कुछ आरोपियों को कमर में रस्सी बांधकर इलाके में घुमाया गया था। पुलिस का कहना था कि अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश देने के लिए ऐसा कदम उठाया गया।
इसी बीच दक्षिण 24 परगना जिले के रायदीघी क्षेत्र में आवास योजना में कथित कटमनी वसूली को लेकर भी विवाद बढ़ गया। आरोप है कि ग्राम पंचायत प्रधान जमुना हलदार के पति बाप्पा हलदार ने लोगों से घर दिलाने के नाम पर पैसे लिए थे।
ग्रामीण महिलाओं ने बाप्पा हलदार को घेरकर पैसे लौटाने की मांग की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बहस बढ़ने के बाद महिलाओं ने उनके साथ मारपीट भी की। मामला सामने आने के बाद इलाके में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया।
वहीं टीएमसी सांसद सौगत राय को भी विरोध का सामना करना पड़ा। उत्तर 24 परगना के निमता इलाके में कुछ लोगों ने उन्हें घेरकर ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए। इस दौरान उनकी गाड़ी पर अंडे फेंके जाने की भी खबर सामने आई।
सौगत राय ने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि भाजपा ने इन आरोपों से इनकार किया है। बंगाल में लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने राज्य की राजनीति को और गर्मा दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंचायत और स्थानीय निकाय स्तर पर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर जनता में नाराजगी बढ़ रही है। आने वाले समय में इन घटनाओं का असर राज्य की राजनीति पर भी दिखाई दे सकता है।
