लखीमपुर में ‘सिंबा’ का आतंक खत्म, महीनों बाद मिली राहत
लखीमपुर खूंखार कुत्ता मामले में आखिरकार काशी नगर मोहल्ले के लोगों को बड़ी राहत मिल गई है। बीते कई महीनों से दहशत का कारण बना ‘सिंबा’ नाम का आक्रामक कुत्ता नगर पालिका परिषद की टीम ने पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि यह कुत्ता अब तक सौ से अधिक लोगों को काट चुका था। इसके चलते इलाके में भय का माहौल बना हुआ था।
लखीमपुर खूंखार कुत्ता की वजह से सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों और महिलाओं को हो रही थी। लोग अपने बच्चों को घरों से बाहर खेलने तक नहीं भेज रहे थे। कई परिवारों ने शाम के बाद गलियों में निकलना भी कम कर दिया था। लगातार हो रहे हमलों के कारण मोहल्ले के लोगों में काफी नाराजगी थी।

स्थानीय लोगों के मुताबिक सिंबा राह चलते लोगों पर अचानक हमला कर देता था। कई बार स्कूल जाने वाले बच्चों को भी इस कुत्ते ने दौड़ाकर काट लिया। इसके अलावा काम पर जाने वाले लोग भी डर के माहौल में गुजर रहे थे। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि गलियों में सन्नाटा रहने लगा था और बाहर से आने वाले लोग भी इस इलाके में आने से बचने लगे थे।
लखीमपुर खूंखार कुत्ता को पकड़ने के लिए नगर पालिका परिषद को पिछले कई दिनों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। लोगों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद नगर पालिका की टीम ने विशेष अभियान चलाने का फैसला लिया। बुधवार और गुरुवार को टीम ने काशी नगर इलाके में निगरानी शुरू की।
नगर पालिका कर्मचारियों ने काफी देर तक कुत्ते का पीछा किया। कई बार वह टीम को चकमा देकर भाग निकला। हालांकि लगातार कोशिशों के बाद टीम ने आखिरकार सिंबा को पकड़ लिया। इस दौरान मोहल्ले में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। लोगों ने पूरी कार्रवाई को देखा और नगर पालिका टीम की सराहना की।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि अब मोहल्ले में बच्चों की आवाजें फिर सुनाई देंगी। लोग बिना डर के बाहर निकल सकेंगे। कई महिलाओं ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में हालात इतने खराब हो गए थे कि अकेले सड़क पर चलना मुश्किल हो गया था। अब सिंबा के पकड़े जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है।
नगर पालिका परिषद के अधिकारियों ने कहा कि शहर में आवारा और आक्रामक कुत्तों की समस्या बढ़ रही है। ऐसे में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार जहां से भी शिकायतें मिलेंगी वहां कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की गई है।
लखीमपुर खूंखार कुत्ता की घटना ने शहर में आवारा जानवरों की समस्या को फिर चर्चा में ला दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई हो जाती तो इतने लोग घायल नहीं होते। अब मोहल्लेवासी उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन आगे भी ऐसे मामलों में तेजी से कदम उठाएगा।
