गोरखपुर में घूसखोर जेई निलंबित, जांच में आरोप सही
गोरखपुर जेई रिश्वत मामला में बिजली विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पाली उपकेंद्र के जेई सुशील कुमार को निलंबित कर दिया है। उन पर ईंट भट्ठे के बिजली कनेक्शन के नाम पर 50 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप था। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद विभाग ने यह कदम उठाया।
गोरखपुर जेई रिश्वत मामला उस समय चर्चा में आया था जब उपभोक्ता ने विरोध स्वरूप जेई की बाइक को उपकेंद्र परिसर में पेड़ से जंजीर से बांध दिया था। घटना के बाद मामला तेजी से सुर्खियों में आया और विभागीय जांच शुरू कराई गई।

जानकारी के अनुसार सहजनवा तहसील के उसरी गांव में महेंद्र पाल सिंह का ईंट भट्ठा संचालित होता है। उन्होंने बिजली कनेक्शन के लिए कई बार विभागीय कार्यालय के चक्कर लगाए लेकिन कनेक्शन नहीं मिला। आरोप है कि बाद में लाइनमैन के माध्यम से उनकी मुलाकात अवर अभियंता सुशील कुमार गुप्ता से कराई गई।
गोरखपुर जेई रिश्वत मामला में आरोप है कि जेई ने पांच पोल और तार लगाने के लिए 50 हजार रुपये की मांग की। शिकायतकर्ता के मुताबिक 18 जनवरी को रकम दे दी गई, लेकिन इसके बाद भी पोल और तार नहीं लगाए गए। बाद में बांस-बल्ली और केबिल के सहारे अस्थायी कनेक्शन दे दिया गया।
कुछ दिन बाद जानवरों के टकराने से केबिल टूट गया और आसपास करंट फैलने लगा। इसके बाद उपभोक्ता ने जेई पर रुपये वापस करने या पोल लगाने का दबाव बनाया। आरोप है कि जेई ने कनेक्शन काटने की धमकी दी। इससे नाराज होकर शिकायतकर्ता 11 मई को पाली उपकेंद्र पहुंचा और जेई की बाइक को जंजीर से बांध दिया।
गोरखपुर जेई रिश्वत मामला सामने आने के बाद ग्रामीण वितरण मंडल द्वितीय के अधीक्षण अभियंता दीपक कुमार ने जांच कमेटी बनाई। जांच के दौरान टीम को 4 मिनट 18 सेकंड का ऑडियो और एक वीडियो मिला। इसमें कथित घूसखोरी की पुष्टि होने की बात कही गई है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर जेई सुशील कुमार को निलंबित कर विद्युत परीक्षण खंड द्वितीय कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक शिकायतें पहले भी मिलती रही थीं कि बिना पैसे लिए काम नहीं किया जाता था। इसी वजह से उन्हें पहले भी दूसरे उपकेंद्र से हटाया गया था।
गोरखपुर जेई रिश्वत मामला में यह भी सामने आया कि आरोपी अधिकारी जनप्रतिनिधियों के फोन तक रिसीव नहीं करते थे और कई मामलों को पोर्टल पर लंबित रखते थे। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली विभाग में लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। कार्रवाई के बाद लोगों को उम्मीद है कि अब विभाग में पारदर्शिता बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को बिना रिश्वत दिए सेवाएं मिल सकेंगी।
