Sunday, August 9, 2026

35 मिनट में लखनऊ से कानपुर, शुरू हुआ सबसे लंबा एलिवेटेड एक्सप्रेसवे

लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे

 

लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा करने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद अब दोनों शहरों के बीच का सफर महज 35 से 45 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। करीब 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का सोमवार को लोकार्पण कर इसे आम जनता के लिए खोल दिया गया। इसके साथ ही वर्षों से लोगों को परेशान करने वाले ट्रैफिक जाम से भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

 

पहले लखनऊ से कानपुर पहुंचने में ढाई से तीन घंटे तक का समय लग जाता था। खासकर कार्यालय समय और त्योहारों के दौरान यह सफर और भी कठिन हो जाता था। अब नए मार्ग के शुरू होने से यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। इससे रोजाना आवागमन करने वाले कर्मचारियों, व्यापारियों और छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा।

 

करीब 1648 दिनों की मेहनत के बाद तैयार हुए इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की नींव वर्ष 2018 में रखी गई थी। बढ़ते यातायात दबाव और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए लगभग 4500 करोड़ रुपये की लागत से इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की गई थी। परियोजना का उद्देश्य राजधानी लखनऊ और औद्योगिक शहर कानपुर के बीच तेज, सुरक्षित और आधुनिक सड़क संपर्क उपलब्ध कराना था।

 

मार्च 2019 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस परियोजना की आधारशिला रखी थी। बाद में दिसंबर 2020 में केंद्र सरकार ने इसे नेशनल एक्सप्रेसवे-6 का दर्जा प्रदान किया। इसके बाद निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया गया।

 

निर्माण कार्य को आसान और प्रभावी बनाने के लिए परियोजना को दो हिस्सों में विभाजित किया गया था। पहला पैकेज लखनऊ के अमौसी और शहीद पथ क्षेत्र से जुड़ा लगभग 18 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड सेक्शन था। घनी आबादी और भूमि अधिग्रहण जैसी चुनौतियों के बावजूद इसे आधुनिक तकनीक की मदद से तैयार किया गया।

 

दूसरा पैकेज लगभग 45 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड सेक्शन था, जिसे नई भूमि पर विकसित किया गया। यह हिस्सा लखनऊ के 11 और उन्नाव के 31 गांवों से होकर गुजरता है। भूमि अधिग्रहण पूरा होने के बाद वर्ष 2022 से इस हिस्से का निर्माण तेज गति से शुरू हुआ और अक्टूबर 2025 तक इसका अधिकांश कार्य पूरा कर लिया गया था।

 

लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी विशेषता इसकी आधुनिक तकनीक आधारित व्यवस्था है। सड़क निर्माण में ऑटोमेटेड मशीन गाइड कंस्ट्रक्शन सिस्टम का उपयोग किया गया, जिससे निर्माण कार्य अधिक सटीक और मजबूत बन सका। सैटेलाइट और कंप्यूटर आधारित तकनीक ने गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 

इसके अलावा एक्सप्रेसवे पर मल्टी-लेन फ्री फ्लो टोलिंग प्रणाली लागू की गई है। यहां पारंपरिक टोल प्लाजा नहीं बनाए गए हैं। वाहन बिना रुके अपनी यात्रा जारी रख सकेंगे और फास्टैग तथा ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन तकनीक के जरिए टोल स्वतः कट जाएगा।

 

इस मार्ग पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति से चल सकेंगे। इससे यात्रियों का समय बचेगा, ईंधन की खपत कम होगी और टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम से भी छुटकारा मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के आर्थिक विकास और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति देगा।

 

नई सड़क परियोजना से न केवल यात्रा आसान होगी बल्कि लखनऊ, उन्नाव और कानपुर क्षेत्र में निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। आने वाले समय में लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण परिवहन परियोजनाओं में शामिल माना जाएगा।

 

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