गोरखपुर में नदी घाटों पर बढ़ेगा पहरा, डूबने से बचाने को प्रशासन अलर्ट
गोरखपुर नदी सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिले में लगातार बढ़ रही डूबने की घटनाओं के बाद प्रशासन ने नदी घाटों पर निगरानी बढ़ाने और लोगों को जागरूक करने का अभियान तेज कर दिया है। संवेदनशील घाटों पर आपदा मित्रों की तैनाती की जाएगी, ताकि हादसों को रोका जा सके।
गोरखपुर नदी सुरक्षा अभियान के तहत गुरुवार को अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) और प्रभारी अधिकारी आपदा जयप्रकाश ने आपदा मित्रों के साथ बैठक की। बैठक में नदी घाटों पर सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने और लोगों को सतर्क करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।

प्रशासन ने माना कि जिले के कई नदी घाटों पर लगातार डूबने की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में लोगों को समय रहते जागरूक करना बेहद जरूरी है। अधिकारियों ने आपदा मित्रों को निर्देश दिए कि घाटों पर आने वाले लोगों को गहरे पानी में जाने से रोका जाए और बच्चों पर विशेष निगरानी रखने के लिए प्रेरित किया जाए।
गोरखपुर नदी सुरक्षा अभियान के तहत जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कार्यालय की ओर से आपदा मित्रों को लाउड हेलर और लाइफ बाय रिंग उपलब्ध कराए गए हैं। इन उपकरणों की मदद से घाटों पर लगातार जागरूकता संदेश प्रसारित किए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर लोगों की जान बचाने में सहायता मिलेगी।
प्रशासन ने रामघाट, राजघाट, झंगहा घाट, करही घाट, बरही घाट, सेमरौना घाट, संझाई केवटहिया घाट, करहिया पीपा पुल और कम्हरिया घाट समेत कई संवेदनशील स्थानों को चिन्हित किया है। इन घाटों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि गर्मी और मानसून के मौसम में नदी घाटों पर लोगों की भीड़ बढ़ जाती है। कई बार लोग बिना सुरक्षा उपायों के गहरे पानी में उतर जाते हैं, जिससे हादसे हो जाते हैं। प्रशासन अब ऐसे स्थानों पर लगातार गश्त और जागरूकता अभियान चलाएगा।
गोरखपुर नदी सुरक्षा योजना के तहत आपदा मित्र लोगों को यह भी बताएंगे कि नदी किनारे बच्चों को अकेला न छोड़ें और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। इसके अलावा घाटों पर चेतावनी संदेश भी लगाए जाएंगे।
प्रशासन का मानना है कि थोड़ी सावधानी और सतर्कता से कई बड़ी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। जिला प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि नदी घाटों पर सुरक्षा नियमों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
गोरखपुर नदी सुरक्षा अभियान को लेकर स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की पहल का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि घाटों पर लगातार निगरानी और जागरूकता अभियान से डूबने की घटनाओं में कमी आ सकती है।
