Wednesday, June 10, 2026

मथुरा में नौकरी दिलाने के नाम पर 36 लाख की ठगी

सरकारी नौकरी ठगी का बड़ा मामला मथुरा के वृंदावन से सामने आया है। यहां एक व्यक्ति पर पांच बेरोजगार युवकों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 36.40 लाख रुपये ठगने का आरोप लगा है। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सरकारी नौकरी ठगी मामले में पीड़ित रिंकू सिंह ने आरोप लगाया है कि दिसंबर 2024 में उसकी मुलाकात सुरीर निवासी दीपक राघव से हुई थी। आरोपी वृंदावन के ओमेक्स सिटी स्थित ब्रज अपार्टमेंट में कार्यालय चलाता था। उसने खुद को प्रभावशाली बताते हुए सेना और अन्य सरकारी विभागों में नौकरी लगवाने का दावा किया।

पीड़ित के अनुसार आरोपी ने कई दस्तावेज दिखाकर भरोसा दिलाया कि उसने पहले भी कई लोगों को नौकरी दिलवाई है। इसके बाद आरोपी ने प्रति व्यक्ति 10 लाख रुपये लेकर सरकारी नौकरी दिलाने की बात कही। रिंकू सिंह के साथ उसके परिवार के अन्य बेरोजगार सदस्यों को भी नौकरी का झांसा दिया गया।

सरकारी नौकरी ठगी मामले में आरोप है कि आरोपी ने अलग-अलग तारीखों में बैंक खाते और नकद के जरिए रकम ली। शुरुआत में छोटी रकम ली गई, लेकिन बाद में लाखों रुपये वसूले गए। पीड़ित परिवार ने भरोसे में आकर कई किश्तों में कुल 36 लाख 40 हजार रुपये आरोपी को दे दिए।

रिंकू सिंह ने बताया कि आरोपी ने जुलाई 2025 में उसे सेना में नौकरी का कथित नियुक्ति पत्र भी दिया। इसके बाद उसे जैसलमेर ट्रेनिंग के नाम पर भेजा गया। वहां वह करीब एक महीने तक होटल में रुका रहा, लेकिन कोई ट्रेनिंग शुरू नहीं हुई। इसी तरह अन्य युवकों को भी अलग-अलग जगह भेजा गया।

सरकारी नौकरी ठगी का शक तब गहराया जब महीनों बीतने के बाद भी किसी की नौकरी नहीं लगी। पीड़ितों का आरोप है कि आरोपी पहले टालमटोल करता रहा और बाद में पैसे लौटाने से साफ इंकार कर दिया। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह बेरोजगार लोगों को झांसे में लेकर पैसे लेता है।

पुलिस के अनुसार मामला गंभीर है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। आरोपों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस तरह से अन्य लोगों के साथ भी धोखाधड़ी तो नहीं की गई।

सरकारी नौकरी ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। पुलिस और प्रशासन की ओर से लोगों को सलाह दी जाती रही है कि किसी भी व्यक्ति के झांसे में आकर बिना सत्यापन के पैसे न दें। नौकरी के नाम पर बड़ी रकम मांगने वालों से सतर्क रहने की अपील भी की जाती है।

मथुरा के इस मामले ने बेरोजगार युवाओं की मजबूरी और नौकरी के नाम पर सक्रिय जालसाजों के नेटवर्क को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल पीड़ित परिवार कार्रवाई और रकम वापस मिलने की उम्मीद लगाए बैठा है।

 

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