Wednesday, June 10, 2026

भारत के स्टील्थ फाइटर जेट प्रोजेक्ट में तीन कंपनियों की एंट्री

नई दिल्ली। भारत अब रक्षा तकनीक के क्षेत्र में बड़ा कदम बढ़ाने जा रहा है। देश के पहले स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर जेट प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाते हुए रक्षा मंत्रालय ने एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) परियोजना के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल यानी RFP जारी कर दिया है। इस परियोजना को भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

AMCA स्टील्थ फाइटर परियोजना भारत का पहला पूर्ण स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान कार्यक्रम है। इस विमान को आधुनिक स्टेल्थ तकनीक, एडवांस्ड सेंसर और अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों से लैस किया जाएगा। इसका उद्देश्य भारतीय वायुसेना की भविष्य की जरूरतों को पूरा करना और विदेशी लड़ाकू विमानों पर निर्भरता कम करना है।

रक्षा मंत्रालय ने इस परियोजना में पहली बार प्राइवेट सेक्टर को बड़ी भूमिका देने का फैसला किया है। खास बात यह है कि सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया है। इसके बजाय तीन निजी कंपनियों के कंसोर्टियम को मेगा प्रपोजल जारी किया गया है।

इसमें और का कंसोर्टियम शामिल है। इसके अलावा और  के समूह को भी प्रस्ताव भेजा गया है। माना जा रहा है कि इन कंपनियों के बीच परियोजना हासिल करने के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी।

AMCA स्टील्थ फाइटर परियोजना भारतीय रक्षा क्षेत्र के लिए इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि इससे देश में उन्नत एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्षमता विकसित होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह परियोजना भारत को अमेरिका, रूस और चीन जैसे देशों की श्रेणी में खड़ा कर सकती है, जिनके पास पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान विकसित करने की क्षमता है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस विमान में स्टेल्थ डिजाइन, सुपरक्रूज क्षमता, एडवांस्ड एवियोनिक्स और AI आधारित युद्ध प्रणाली जैसे फीचर्स शामिल किए जा सकते हैं। इसे भविष्य के हवाई युद्ध के हिसाब से तैयार किया जाएगा।

AMCA स्टील्थ फाइटर परियोजना के जरिए सरकार रक्षा उत्पादन में निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाना चाहती है। हाल के वर्षों में केंद्र सरकार आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत घरेलू रक्षा निर्माण को बढ़ावा देने पर लगातार जोर दे रही है।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना तय समय पर पूरी होती है तो भारतीय वायुसेना को आधुनिक तकनीक वाला स्वदेशी फाइटर जेट मिलेगा। साथ ही भारत की रक्षा निर्यात क्षमता को भी मजबूती मिल सकती है।

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