चीन में गेमिंग टाइकून हत्या केस में दोषी को फांसी
नई दिल्ली। चीन ने अरबपति गेमिंग कारोबारी की जहर देकर हत्या करने के मामले में दोषी पाए गए व्यक्ति को फांसी दे दी है। यह मामला चीन की गेमिंग इंडस्ट्री और मनोरंजन जगत में काफी चर्चित रहा था। शंघाई स्थित गेमिंग कंपनी योजू गेम्स के संस्थापक की 2020 में जहर देकर हत्या कर दी गई थी।
चीन गेमिंग टाइकून मामले में दोषी जू याओ को अदालत ने हत्या का जिम्मेदार माना था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जू याओ योजू गेम्स की एक सहायक कंपनी में वरिष्ठ पद पर कार्यरत थे। उन्हें 2024 में अदालत ने दोषी ठहराया था। अब रिपोर्ट्स के अनुसार 21 मई 2026 को उन्हें फांसी दे दी गई।

के संस्थापक लिन क्यूई चीन के बड़े गेमिंग कारोबारियों में गिने जाते थे। उनकी कंपनी के पास चीनी लेखक के चर्चित साइंस-फिक्शन उपन्यास के फिल्म और सीरीज रूपांतरण अधिकार थे। इसी कहानी पर ने लोकप्रिय सीरीज बनाई थी।
बताया गया कि नेटफ्लिक्स डील के बाद कंपनी के भीतर तनाव बढ़ गया था। आरोप है कि जू याओ ने अपने वरिष्ठ अधिकारी लिन क्यूई की मदद इस डील को पूरा कराने में की थी, लेकिन बाद में उन्हें निर्णय प्रक्रिया से अलग कर दिया गया। इसी विवाद के बाद उन्होंने जहर देकर हत्या की साजिश रची।
रिपोर्ट्स के अनुसार, लिन क्यूई को दिसंबर 2020 में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच के दौरान उनके शरीर में जहर मिलने की पुष्टि हुई थी। कुछ दिनों बाद उनकी मौत हो गई थी। इस घटना के बाद चीन की कारोबारी दुनिया में सनसनी फैल गई थी।
चीनी मीडिया संस्थानों और शंघाई की पत्रिका यिकाई ग्लोबल ने फांसी दिए जाने की जानकारी प्रकाशित की। बाद में योजू गेम्स ने भी आधिकारिक बयान जारी कर इस बात की पुष्टि की कि दोषी को सजा दी जा चुकी है।
:contentReference[oaicite:5]{index=5} को दुनियाभर में बड़ी लोकप्रियता मिली है। लेखक लियू सिक्सिन के इस उपन्यास का 40 से अधिक भाषाओं में अनुवाद किया जा चुका है। इसके अलावा इसे कई टेलीविजन और गेम प्रोजेक्ट्स में भी रूपांतरित किया गया है। यही वजह है कि लिन क्यूई का नाम वैश्विक मनोरंजन उद्योग में भी चर्चा में रहा।
चीन गेमिंग टाइकून केस अब चीन के चर्चित कॉर्पोरेट अपराध मामलों में शामिल हो गया है। इस मामले ने कॉर्पोरेट प्रतिस्पर्धा, आंतरिक विवाद और कारोबारी तनाव को लेकर कई सवाल खड़े किए थे।
