दिल्ली-देहरादून कारिडोर पर हादसों में कमी, पुलिस सख्त
बागपत। दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कारिडोर पर बढ़ते सड़क हादसों को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन की सख्ती असर दिखाने लगी है। ऑटोमेटिक कैमरे चालू होने और निगरानी बढ़ने के बाद पिछले 12 दिनों में बागपत सीमा के अंदर कोई बड़ा हादसा दर्ज नहीं हुआ है। प्रशासन का दावा है कि नियमों के सख्ती से पालन और प्रतिबंधित वाहनों पर रोक के कारण स्थिति में सुधार आया है।
दिल्ली देहरादून कारिडोर पर पहले लगातार दुर्घटनाएं हो रही थीं। कई वाहन चालक ओवरस्पीड में वाहन दौड़ा रहे थे। वहीं, कुछ लोग रांग साइड वाहन चलाने के साथ दोपहिया पर तीन से अधिक सवारी लेकर सफर कर रहे थे। सड़क पर स्टंट और मोबाइल से वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर साझा करने की घटनाएं भी सामने आई थीं। नियमों की अनदेखी के कारण दुर्घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा था।

प्रधानमंत्री :contentReference[oaicite:0]{index=0} ने 14 अप्रैल 2026 को दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कारिडोर का उद्घाटन किया था। शुरुआत में एक महीने तक वाहनों से टोल टैक्स नहीं लिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में वाहन इस मार्ग से गुजरते रहे। पुलिस की निगरानी सीमित होने के कारण यातायात नियमों का उल्लंघन भी बढ़ गया था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, एक महीने के भीतर छह बड़े हादसे हुए थे। इनमें तीन लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा कई छोटे हादसे ऐसे भी थे, जो आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हुए। लगातार बढ़ती घटनाओं के बाद प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई शुरू की।
14 मई से इकोनामिक कारिडोर के फेज-2 यानी बागपत के काठा टोल प्लाजा से सहारनपुर के रसूलपुर टोल प्लाजा तक टोल टैक्स वसूली शुरू हुई। इसके बाद वाहनों की संख्या में भी कमी दर्ज की गई। पहले प्रतिदिन 25 से 30 हजार वाहन गुजर रहे थे, जबकि अब यह संख्या घटकर करीब 20 से 25 हजार रह गई है।
प्रशासन ने टोल बूथों पर ऑटोमेटिक कैमरे सक्रिय कर दिए हैं। इन कैमरों की मदद से ओवरस्पीड वाहनों और नियम तोड़ने वालों पर नजर रखी जा रही है। अब तक करीब 150 ओवरस्पीड वाहनों के चालान किए जा चुके हैं। साथ ही प्रतिबंधित वाहनों को टोल प्लाजा से आगे नहीं जाने दिया जा रहा। ऐसे वाहनों को वापस लौटाया जा रहा है।
दिल्ली देहरादून कारिडोर पर पुलिस की सक्रियता बढ़ने से यातायात व्यवस्था बेहतर हुई है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में निगरानी और सख्त की जाएगी। इससे सड़क सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा। स्थानीय लोगों का भी मानना है कि कैमरों और पुलिस कार्रवाई के कारण वाहन चालक अब पहले की तुलना में ज्यादा सतर्क होकर वाहन चला रहे हैं।
