रूस में नौकरी का ऑफर मिला तो रहें सावधान, भारतीयों को सेना में भर्ती से दूर रहने की सलाह
विदेश मंत्रालय के अनुसार, पिछले दो वर्षों में भारत सरकार कई बार विदेश में रोजगार तलाशने वाले नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दे चुकी है। इसके बावजूद ऐसे मामले सामने आते रहे हैं, जिनमें भारतीय नागरिक आर्थिक लाभ की उम्मीद में रूसी सशस्त्र बलों से जुड़ने के प्रस्ताव स्वीकार कर रहे हैं। सरकार ने खास तौर पर बिना सत्यापन वाले व्यक्तियों और एजेंसियों की ओर से दिए गए नौकरी के ऑफर से बचने को कहा है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ लोग इस उम्मीद के साथ रूसी सेना में शामिल होने का रास्ता चुन रहे हैं कि आर्थिक लाभ मिलने के बाद वे भारत सरकार से संपर्क कर अपनी रिहाई करा सकेंगे। विदेश मंत्रालय ने इस सोच को जोखिम भरा बताते हुए ऐसे कदम को हतोत्साहित किया है। Russia Job Warning का मुख्य संदेश यही है कि विदेश में नौकरी के किसी भी प्रस्ताव को स्वीकार करने से पहले उसकी पूरी तरह जांच की जाए।
रूस में नौकरी के नाम पर मिलने वाले प्रस्तावों को लेकर सरकार की चिंता का एक कारण ऐसे मामलों का सामने आना भी है, जिनमें भारतीय नागरिक रूसी सैन्य ढांचे से जुड़े पाए गए हैं। जुलाई 2026 में विदेश मंत्रालय ने बताया था कि 139 भारतीय नागरिकों को रूसी सेना से रिहा कराया जा चुका है और करीब दो दर्जन अन्य लोगों की रिहाई के लिए प्रयास जारी थे।
इसके बाद सितंबर 2026 में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि रूसी सशस्त्र बलों में भर्ती किए गए 227 भारतीय नागरिकों की पहचान की गई थी। इनमें 139 को रिहा किया जा चुका था, जबकि 51 की मौत की जानकारी दी गई थी। शेष मामलों को लेकर भारत रूस के साथ संपर्क में है।
विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को यह समझने की सलाह दी है कि किसी विदेशी देश में सैन्य सेवा से जुड़ना सामान्य रोजगार की तरह नहीं है। खासकर युद्ध क्षेत्र से जुड़े किसी भी काम में गंभीर सुरक्षा जोखिम हो सकते हैं। इसलिए किसी एजेंट, व्यक्ति या संस्था की ओर से दिए गए आकर्षक वेतन अथवा अन्य आर्थिक लाभ के प्रस्ताव पर बिना पुष्टि के भरोसा नहीं करना चाहिए।

सरकार ने भारतीय नागरिकता छोड़कर रूसी पासपोर्ट हासिल करने और फिर रूसी सशस्त्र बलों में शामिल होने की इच्छा रखने वाले मामलों का भी उल्लेख किया है। विदेश मंत्रालय ने ऐसे फैसलों की गंभीरता को समझने और इसके संभावित जोखिमों पर विचार करने की सलाह दी है।
भारत सरकार की सलाह केवल रूस में नौकरी तलाशने वालों तक सीमित नहीं है। विदेश में रोजगार के लिए जाने वाले भारतीयों से भी कहा गया है कि वे भर्ती एजेंसी, नियोक्ता, नौकरी की प्रकृति, अनुबंध और यात्रा से जुड़े दस्तावेजों की उचित जांच करें। किसी अनजान या अपुष्ट व्यक्ति के माध्यम से मिले प्रस्ताव पर निर्णय लेने से पहले संबंधित आधिकारिक माध्यमों से जानकारी लेना जरूरी है।
Russia Job Warning के बीच सरकार का जोर इस बात पर है कि आर्थिक लाभ के लालच में ऐसा कोई कदम न उठाया जाए, जिससे व्यक्ति की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। विदेश में रोजगार का प्रस्ताव मिलने पर उसकी वास्तविकता और कानूनी स्थिति की पुष्टि करना महत्वपूर्ण है।
भारत पहले भी रूसी सेना में भारतीय नागरिकों की भर्ती का मुद्दा रूसी अधिकारियों के सामने उठा चुका है। 2024 में लोकसभा में सरकार ने बताया था कि भारतीय नागरिकों को रूसी सशस्त्र बलों से दूर रहने की सलाह दी गई थी और ऐसे मामलों में उन्हें वापस लाने के प्रयास किए जा रहे थे।
ऐसे में रूस जाने वाले भारतीयों के लिए सरकार का ताजा संदेश स्पष्ट है कि किसी भी नौकरी के प्रस्ताव को स्वीकार करने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करें और रूसी सशस्त्र बलों में भर्ती से दूर रहें। संदिग्ध प्रस्ताव मिलने पर संबंधित भारतीय दूतावास या आधिकारिक माध्यम से जानकारी लेना अधिक सुरक्षित तरीका है।
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